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तनाव के कारण पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं आपके शरीर के ये 7 अंग, जानें किस हिसà¥à¤¸à¥‡ पर कैसे पड़ता है असर
तनाव (सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸) सिरà¥à¤« आपके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पर असर नहीं डालता बलà¥à¤•ि शरीर के कई अंगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जिसका असर आपकी सेहत पर पड़ता है। जानें इनके बारे में।
अगर आप à¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ अधिक लेते हैं तो आपको यह तो पता होगा कि यह आपकी मानसिक सेहत के लिठबहà¥à¤¤ खतरनाक होता है। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ लेने से आपकी शारीरिक सेहत à¤à¥€ खतरे में आ जाती है? अगर आप सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ लेते हैं और उसे अपने अंदर ही दबा कर रखते हैं और किसी से अपने मन की बात साà¤à¤¾ नहीं करते हैं। तो वह सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ आपके शरीर के लिठà¤à¤• दबाव बन जाता है। शायद आपको नहीं मालूम होगा कि हमारा शरीर à¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ को अलग अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करने लगता है। जिस कारण आपको दरà¥à¤¦ आदि का सामना करना पड़ता है। हमारे शरीर के वह हिसà¥à¤¸à¥‡ उस दरà¥à¤¦, तनाव, चिंता और मांसपेशियों में तनाव आदि को आसानी से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ कर देते हैं। लेकिन शरीर के कà¥à¤› और à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ हैं जो तनाव को सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करते हैं। आइठजानते हैं।
1. तनाव का कमर पर कà¥à¤¯à¤¾ पड़ता है असर
हम जिस गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ या à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को बाहर नहीं निकाल पाते हैं, उसका अधिकतर हिसà¥à¤¸à¤¾ आपकी कमर में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° हो कर रह जाता है। निचले कमर के à¤à¤¾à¤— में दरà¥à¤¦ होने का सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ à¤à¥€ à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हो सकता है। कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के कारण आपके नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® का वह à¤à¤¾à¤— à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¥‡à¤Ÿ हो जाता है जो आपकी रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ पर अधिक पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° डालता है। इसलिठअगर आप इस दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाना चाहते हैं तो अपने गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ या सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ को दूसरों के सामने बयान करना सीखें।
2. आपके पेट पर कà¥à¤¯à¤¾ पड़ता है असर?
हमारा पेट और हमारी आंतें हमारे डर का à¤à¤¾à¤µ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करती हैं। अगर आपको अचानक से कोई à¤à¤¾à¤µ महसूस होता है या आपको डर लगता है तो आपके पेट के हिसà¥à¤¸à¥‡ में खिंचाव महसूस होता है और कई बार दरà¥à¤¦ à¤à¥€ महसूस हो सकता है। इससे पाचन तंतà¥à¤° में समसà¥à¤¯à¤¾ आती है और आपको गैस, पेट फूलना और कबà¥à¤œ जैसी काफी सारी पाचन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपना डर का सामना करना चाहिठया इसके बारे में किसी से बात करनी चाहिà¤à¥¤
3. सिर पर पड़ता है बà¥à¤°à¤¾ असर
कई बार जब आप अधिक चिंता या परेशानी में होंगे तो आपका सिर बड़े जोरों से दà¥à¤–ने लगता होगा। इसके पीछे हम यह कारण कह सकते हैं कि आप अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं से नियंतà¥à¤°à¤£ खो रहे हैं और बहà¥à¤¤ अधिक सोच रहे हैं, जिससे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की नसों पर दबाव बढ़ रहा है। इसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आपके सिर में दरà¥à¤¦ का कारण बनती है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आपकी कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ का à¤à¤• कारण à¤à¥€ बन सकता है। इसलिठआपको अधिक चिंता नहीं करनी चाहिà¤à¥¤
4. कंधे पर à¤à¥€ होता है असर
अगर आपको काम या अनà¥à¤¯ किसी चीज का अधिक पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° महसूस होता है या काफी बरà¥à¤¡à¤¨ महसूस होता है। तो आपको कंधों में दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है। अधिक पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लेने से आपके कंधों और गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशियां दà¥à¤–ने लग सकती हैं। हमारे शरीर का अधिक पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लेने के कारण यह रिसà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¸ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक होता है।
5. नींद à¤à¥€ होती है खराब
हमारी नींद à¤à¥€ हमारे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ली जाने वाले सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के कारण बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है। अगर आप कोई जिंदगी बदल देने वाले जजà¥à¤¬à¤¾à¤¤à¥‹à¤‚ से परेशान हैं और इस कारण अधिक सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ ले रहे हैं तो इससे आप को रात में चैन की नींद नहीं आती। à¤à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ अधिक सोचने के कारण à¤à¥€ हो सकता है। अगर आप लंबे समय तक बिना सोठरहते हैं तो आपको इनसोमà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (अनिदà¥à¤°à¤¾) जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ देखने को मिल सकती है।
6. जबड़े पर तनाव का असर
बहà¥à¤¤ से लोग जब सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ लेते हैं तो वह अपने जबड़े पर अधिक पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° डालते हैं। दरअसल जबड़े का कनेकà¥à¤¶à¤¨ हारà¥à¤Ÿ (हृदय) से होता है और तनाव के कारण हारà¥à¤Ÿ की पंपिंग बढ़ जाती है इसलिठजबड़े में दरà¥à¤¦ की शिकायत हो सकती है। कई बार बहà¥à¤¤ अधिक तनाव होने पर लोग अपने नाखून खाने लगते हैं या कोई चीज दांत से चबाने लगते हैं, जिसके कारण à¤à¥€ जबड़े दà¥à¤– सकते हैं। इससे आपकी गरà¥à¤¦à¤¨ की मसलà¥à¤¸ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। आपकी इस आदत का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ आपके जबड़े और गरà¥à¤¦à¤¨ और माथे में होने वाली à¤à¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर पड़ता है।
7. आपके फेफड़ों पर à¤à¥€ होता है असर
बहà¥à¤¤ से लोगों की सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के कारण उनके फेफड़े à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं। इससे हमारे डायाफà¥à¤°à¤¾à¤® में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° होने लगता है। इससे छाती में कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨ होता है और इससे आपके फेफड़े के आसपास à¤à¥€ जगह नहीं बच पाती है जिस कारण वहां पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बन जाता है। यही कारण है कि कई बार अचानक तनाव की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा होने पर सांस की गति बढ़ जाती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि फेफड़ों में संकà¥à¤šà¤¨ बढ़ने लगता है।
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